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दीर्घकालीन रोगों में बार-बार अस्पताल जाना बढ़ा सकता है स्वास्थ्य जोखिम

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार बुजुर्ग रोगियों के लिए बार-बार अस्पताल में भर्ती होना विशेष रूप से जोखिम भरा हो सकता है। लंबे समय तक बिस्तर पर रहना और शारीरिक निष्क्रियता कमजोरी और गतिशीलता में कमी का कारण बन सकती है।

LSN India · 18 September 2026

दीर्घकालीन रोगों से जूझ रहे रोगियों के लिए बार-बार अस्पताल में भर्ती होना अतिरिक्त स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बन सकता है। विशेषकर वृद्ध आयु वर्ग के रोगी इससे अधिक प्रभावित होते हैं।

अस्पताल में रहने के दौरान रोगियों को लंबे समय तक बिस्तर पर रहना पड़ता है, जिससे शारीरिक गतिविधि में कमी आती है। यह निष्क्रियता की स्थिति शरीर की मांसपेशियों को कमजोर करती है और रोगियों की गतिविधि क्षमता को सीमित करती है।

स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए यह आवश्यक है कि वे अनावश्यक अस्पताल प्रवेश को कम करने के लिए रणनीतियां विकसित करें। गृह-आधारित देखभाल और आउट पेशेंट सेवाओं को मजबूत करने से दीर्घकालीन रोगियों को बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

चिकित्सा विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दीर्घकालीन रोगों का प्रबंधन करते समय अस्पताल प्रवेश से बचना और नियमित मेडिकल पर्यवेक्षण के साथ घर में ही पुनर्वास कार्यक्रम चलाना लाभकारी हो सकता है। इससे रोगियों की गतिविधि बनी रहती है और समग्र स्वास्थ्य में सुधार आता है।