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शोधकर्ता का दावा: महान पिरामिड में छिपा है गणितीय और खगोलीय रहस्य
एक शोधकर्ता का मानना है कि मिस्र के महान पिरामिड के आयामों में चंद्र, तारकीय और ग्रहीय चक्रों के साथ-साथ गणितीय स्थिरांक भी एन्कोडेड हैं। यह सिद्धांत बताता है कि यह संरचना प्राचीन ज्ञान को संरक्षित करती है।
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एक शोधकर्ता ने दावा किया है कि गीजा के महान पिरामिड का निर्माण केवल एक मकबरे के रूप में नहीं, बल्कि प्राचीन खगोलीय और गणितीय ज्ञान को संरक्षित करने के लिए किया गया था। उनके अनुसार, पिरामिड की संरचना में चंद्रमा, सितारों और ग्रहों के चक्रों की जानकारी गणितीय रूप से एन्कोडेड है।
शोधकर्ता के सिद्धांत के अनुसार, पिरामिड के आयाम गणितीय स्थिरांक पाई (π) और स्वर्ण अनुपात (Golden Ratio) को भी प्रतिबिंबित करते हैं। यह दावा किया जाता है कि ये प्राचीन निर्माता असाधारण खगोलीय समझ और गणितीय कौशल रखते थे। पिरामिड के विभिन्न कोणों, ऊंचाई और आधार की माप को इस सिद्धांत का आधार माना जा रहा है।
हालांकि, यह सिद्धांत अभी तक पुरातत्व और गणित विशेषज्ञों के बीच व्यापक स्वीकृति नहीं पाया है। पारंपरिक दृष्टिकोण पिरामिड को फिरौन खुफु के मकबरे के रूप में मानता है, जिसका निर्माण लगभग 2,560 ईसा पूर्व में हुआ था। विभिन्न शोधकर्ताओं ने पिरामिड की संरचना में छिपे गूढ़ अर्थों की खोज में रुचि दिखाई है, लेकिन इस तरह के दावे प्रायः विवादास्पद रहते हैं।