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पुनर्स्थापित आर्द्रभूमि भी निकालती है ग्रीनहाउस गैसें: अध्ययन
कैलिफोर्निया में की गई एक नई शोध में पाया गया है कि पुनर्स्थापित आर्द्रभूमि क्षेत्र भी काफी मात्रा में ग्रीनहाउस गैसें वातावरण में छोड़ रहे हैं। यह खोज जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए आर्द्रभूमि संरक्षण की रणनीति पर सवाल उठाती है।
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कैलिफोर्निया में किए गए एक व्यापक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया है कि पुनर्स्थापित आर्द्रभूमि क्षेत्र भी प्रचुर मात्रा में ग्रीनहाउस गैसें जारी कर रहे हैं। माना जाता था कि आर्द्रभूमि को बहाल करने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, लेकिन यह अध्ययन इस धारणा को चुनौती देता है।
विज्ञानियों ने पाया कि मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों ही पुनर्स्थापित आर्द्रभूमि से निकल रही हैं। ये गैसें भूजल स्तर, मिट्टी की स्थिति और पुनर्स्थापना के बाद की परिस्थितियों के कारण उत्सर्जित हो रही हैं। शोध दल ने कई साइटों पर लंबे समय तक निगरानी की और सतत उत्सर्जन के पैटर्न दर्ज किए।
अध्ययन में यह भी पता चला कि विभिन्न आर्द्रभूमि साइटों पर गैस उत्सर्जन में काफी भिन्नता है। कुछ क्षेत्रों में उत्सर्जन के स्तर अधिक हैं, जबकि अन्य में कम हैं। यह भिन्नता स्थानीय भूवैज्ञानिक और जलवायु कारकों पर निर्भर करती है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि भविष्य में आर्द्रभूमि पुनर्स्थापना परियोजनाओं को डिजाइन करते समय ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को ध्यान में रखा जाना चाहिए। वे जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आर्द्रभूमि संरक्षण की रणनीति को अधिक प्रभावी बनाने का आह्वान करते हैं।