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ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना: हिमालय में इंजीनियरिंग का वृहद प्रयोग

125 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना में 12 स्टेशन, 28 सुरंगें और 57 पुल निर्मित होंगे। केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे तीर्थ स्थलों की पहुंच आसान बनाने वाली यह परियोजना रणनीतिक महत्व का भी है।

LSN India · 25 October 2026

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना: हिमालय में इंजीनियरिंग का वृहद प्रयोग

उत्तराखंड में ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक 125 किलोमीटर की दूरी को जोड़ने वाली रेल परियोजना अपनी जटिल भौगोलिक चुनौतियों के लिए उल्लेखनीय है। यह परियोजना हिमालयी क्षेत्र में आधुनिक रेल नेटवर्क स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

इस परियोजना में कुल 12 रेलवे स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जो क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख बिंदुओं को जोड़ेंगे। दुर्गम हिमालयी भूभाग से निपटने के लिए परियोजना में 28 सुरंगें खोदी जाएंगी। इसके अतिरिक्त, 57 बड़े-छोटे पुलों का निर्माण भी इस परियोजना का अभिन्न अंग है, जो घाटियों और जलस्रोतों को पार करने के लिए आवश्यक हैं।

यह रेल लिंक केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे प्रमुख धार्मिक तीर्थ स्थलों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करेगा, जिससे सैलानियों की गतिविधि में वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही, यह परियोजना उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों के आर्थिक विकास में सहायक भूमिका निभाएगी।

इंजीनियरिंग की दृष्टि से, यह परियोजना हिमालयी क्षेत्र में अत्याधुनिक निर्माण तकनीकों का प्रयोग करती है। रणनीतिक दृष्टिकोण से भी यह परियोजना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत के पूर्वोत्तर भागों से बेहतर संपर्क स्थापित करने में मदद करेगी।