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प्रदूषण में हृदय रोगियों के लिए व्यायाम जोखिम भरा, चिकित्सकों की सलाह
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर से हृदय रोगियों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। चिकित्सकों ने प्रदूषित वातावरण में व्यायाम और सुबह की सैर से बचने की सलाह दी है।
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देश के विभिन्न क्षेत्रों में वायु प्रदूषण में तेजी से वृद्धि हुई है, विशेषकर दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थिति अधिक गंभीर है। प्रदूषित हवा में पाए जाने वाले सूक्ष्म कण जब श्वास के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं, तो ये हृदय प्रणाली पर सीधा असर डालते हैं और रक्त वाहिकाओं में सूजन का कारण बनते हैं।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, हृदय रोगी के लिए प्रदूषण का संपर्क विशेष रूप से हानिकारक साबित होता है। ये सूक्ष्म प्रदूषक कण फेफड़ों तक पहुंचकर रक्त में मिल जाते हैं और हृदय पर अतिरिक्त भार डालते हैं, जिससे दिल का दौरा या अन्य हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
चिकित्सकों ने सलाह दी है कि प्रदूषण के उच्च स्तर वाले दिनों में हृदय रोगियों को खुली हवा में व्यायाम, दौड़ना और सैर से परहेज करना चाहिए। इसके बजाय वे घर के अंदर हल्के-फुल्के व्यायाम कर सकते हैं या जब प्रदूषण के स्तर में कमी आए तब बाहर निकलें।
विशेषज्ञों ने यह भी सुझाव दिया कि प्रदूषण की स्थिति में एन95 या समकक्ष गुणवत्ता वाले मास्क का उपयोग करना चाहिए, हालांकि हृदय रोगियों के लिए मास्क पहनना भी असहज हो सकता है। ऐसे में व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है।