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माल ढुलाई की बढ़ी लागत से उपभोक्ता टिकाऊ सामान बनाने वाली कंपनियों पर दबाव

माल ढुलाई की लागत दोगुनी से अधिक हो गई है और डिलीवरी में 15 दिन से अधिक की देरी हो रही है। दिवाली के बाद उपभोक्ता सामानों की कीमतें बढ़ने की आशंका है, हालांकि निर्माताओं के पास त्योहार के सीजन के लिए पर्याप्त स्टॉक है।

LSN India · 24 September 2026

माल ढुलाई की बढ़ी लागत से उपभोक्ता टिकाऊ सामान बनाने वाली कंपनियों पर दबाव

माल ढुलाई की बढ़ती लागत और शिपमेंट में आने वाली बाधाएं भारत की उपभोक्ता टिकाऊ सामान निर्माण करने वाली कंपनियों के लिए गंभीर चुनौती बन गई हैं। हाल के दिनों में माल ढुलाई की लागत पिछले स्तर से दोगुनी से अधिक बढ़ गई है, जिससे निर्माताओं के मुनाफे पर सीधा असर पड़ रहा है। इसके साथ ही, माल की डिलीवरी में 15 दिन से अधिक की देरी भी निर्माताओं के आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर रही है।

इस बीच, निर्माताओं का कहना है कि दिवाली के सीजन के लिए उनके पास पर्याप्त स्टॉक है और वे त्योहार की मांग को पूरा करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, माल ढुलाई की बढ़ी हुई लागत के कारण दिवाली के बाद उपभोक्ता सामानों की कीमतों में वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है।

इंडस्ट्री विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति अगले कुछ महीनों में और गंभीर हो सकती है अगर माल ढुलाई की लागत इसी दर से बढ़ती रहे। निर्माताओं को वैकल्पिक लॉजिस्टिक्स समाधान खोजने और अपनी आपूर्ति श्रृंखला को अधिक कुशल बनाने की आवश्यकता है।