LSN News › India

Politics · India Bureau

नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को लेकर आरएलएम और जेडीयू में तकरार

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने अपने आपको नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत का असली उत्तराधिकारी बताया है, जिस पर जेडीयू राज्य अध्यक्ष ने तीव्र आपत्ति दर्ज की है।

LSN India · 25 August 2026

नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को लेकर आरएलएम और जेडीयू में तकरार

बिहार की राजनीति में एक नई कशमकश का सूत्रपात हुआ है जब राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का दावा किया है। कुशवाहा ने अपने बयान में कहा कि वही नीतीश कुमार के विकास केंद्रित राजनीति का असली उत्तराधिकारी हैं।

इस दावे पर जेडीयू राज्य अध्यक्ष की ओर से तुरंत प्रतिक्रिया व्यक्त की गई। जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व ने कुशवाहा के वक्तव्य को खारिज करते हुए कहा कि नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत के वास्तविक संरक्षक और उत्तराधिकारी जेडीयू ही हैं।

जेडीयू पक्ष ने अपने बयान में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और दृष्टिकोण को जारी रखने का जिम्मेदारी जेडीयू के कंधों पर है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि विकास और सुशासन की नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए जेडीयू ही सर्वाधिक सक्षम और प्रतिबद्ध है।

यह राजनीतिक अंतर्द्वंद्व बिहार में विभिन्न क्षेत्रों के नेतृत्व और भविष्य की दिशा को लेकर चल रही बहस का हिस्सा है। दोनों पक्षों के दावों के बीच यह विवाद आने वाले समय में और गहरा हो सकता है।