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चूहों के नियंत्रण से ज़ान्नोन शियरवॉटर पक्षियों की संख्या 27 से बढ़कर 80 हुई

विदेशी कृंतक प्रजातियों को हटाने के संरक्षण प्रयासों के परिणामस्वरूप दुर्लभ समुद्री पक्षी प्रजाति की प्रजनन जोड़ियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह सफलता द्वीप-आधारित पारिस्थितिक तंत्र की बहाली में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है।

LSN India · 5 October 2026

चूहों के नियंत्रण से ज़ान्नोन शियरवॉटर पक्षियों की संख्या 27 से बढ़कर 80 हुई

समुद्री पक्षी संरक्षण के एक बड़े सफल उदाहरण में, ज़ान्नोन द्वीप पर चूहों के नियंत्रण कार्यक्रम से दुर्लभ ज़ान्नोन शियरवॉटर पक्षियों की प्रजनन जोड़ियों की संख्या में नाटकीय वृद्धि हुई है। लगभग तीन वर्ष पहले जहां इन पक्षियों की प्रजनन जोड़ियों की संख्या मात्र 27 थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 80 हो गई है। यह लगभग 196 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

विदेशी कृंतक प्रजातियां, विशेषकर काले चूहे, द्वीप के पारिस्थितिक तंत्र के लिए एक गंभीर खतरा साबित हो रही थीं। ये चूहे शियरवॉटर पक्षियों के अंडों और नवजात पक्षियों को खाते हैं, जिससे प्रजनन दर में भारी गिरावट आ रही थी। द्वीप के जीव-जंतुओं के संरक्षण के लिए लगाए गए व्यवस्थित प्रयासों के माध्यम से इन अवांछित कृंतकों को नियंत्रित किया गया।

यह परियोजना द्वीप के प्राकृतिक वातावरण को पुनः स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पक्षी संरक्षणविदों के अनुसार, चूहों के आबादी को कम करने से अन्य स्थानीय प्रजातियों को भी लाभ मिल रहा है। इस सफल हस्तक्षेप से पता चलता है कि कैसे लक्षित संरक्षण कार्यक्रम समुद्री पक्षी प्रजातियों की आबादी को पुनः जीवंत करने में सहायक साबित हो सकते हैं।