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फ्रांस और अल्बानिया के उदाहरण देते हुए आरएसएस प्रमुख ने 'शासन परिवर्तन' की चेतावनी दी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने विदेशी उदाहरणों का हवाला देते हुए तानाशाही परिवर्तन के खतरों के बारे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि आंदोलन और प्रदर्शन मात्र वोट और लोकप्रियता के लिए नहीं होने चाहिए।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने समाज में राजनीतिक स्थिरता को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने फ्रांस और अल्बानिया के हालिया घटनाक्रमों को संदर्भ में रखते हुए कहा है कि राष्ट्र को 'शासन परिवर्तन' की कोशिशों से सावधान रहना चाहिए।
भागवत ने जोर देते हुए कहा कि जनांदोलन और सामाजिक प्रदर्शन केवल मतदान या राजनीतिक लोकप्रियता हासिल करने के लिए नहीं चलाए जाने चाहिए। उनके अनुसार, समाज में किसी भी परिवर्तन का आधार सकारात्मक उद्देश्य और दीर्घकालीन हित होना चाहिए।
आरएसएस प्रमुख ने समाज में संवाद स्थापित करने का आह्वान किया है। उन्होंने माना है कि विभिन्न विचारधारा और समूहों के बीच खुली और सार्थक बातचीत राष्ट्रीय स्थिरता तथा सामाजिक सद्भावना के लिए आवश्यक है।
भागवत की टिप्पणियां एक ऐसे समय में आई हैं, जब विभिन्न क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। उन्होंने भारतीय समाज से आत्मचिंतन करने और राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया है।