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रिजर्व बैंक के डॉलर बिक्रय से रुपया 10 सप्ताह के उच्चतम स्तर पर
विदेशी मुद्रा के मजबूत प्रवाह और रिजर्व बैंक की डॉलर बिक्रय से भारतीय रुपया को मजबूती मिली है। बैंकिंग प्रणाली में तरलता अधिशेष रिकॉर्ड 9.7 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच गया है।
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भारतीय रुपये ने विदेशी मुद्रा के मजबूत प्रवाह और भारतीय रिजर्व बैंक की डॉलर बिक्रय से समर्थित होकर दस सप्ताह के उच्चतम स्तर पर कारोबार किया। केंद्रीय बैंक की हस्तक्षेप नीति ने रुपये को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत विदेशी निवेश प्रवाह जारी रहे हैं।
बैंकिंग प्रणाली में तरलता की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। तरलता अधिशेष रिकॉर्ड ऊंचाई पर 9.7 ट्रिलियन रुपये को छू गया, जो यह दर्शाता है कि भारतीय बैंकों के पास पर्याप्त नकद भंडार मौजूद है। इस प्रचुर नकदी की स्थिति के कारण अंतरबैंक उधार दरें में भी गिरावट आई है।
कॉल रेट में उल्लेखनीय गिरावट एक महत्वपूर्ण विकास साबित हुई है। रातोंरात उधार दर 5 प्रतिशत से नीचे आ गई है, जो कम दरों का संकेत देता है। यह सस्ती उधार लागत बैंकों के लिए अनुकूल माहौल बनाता है और कर्जदारों को राहत प्रदान कर सकता है।
अर्थव्यवस्था में पर्याप्त तरलता और मजबूत विदेशी निवेश प्रवाह भारतीय मुद्रा के लिए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं। रिजर्व बैंक की सक्रिय मौद्रिक प्रबंधन नीति और बाजार की मजबूत स्थिति मिलकर रुपये को समर्थन प्रदान कर रही है।