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तेल की कीमत बढ़ने से रुपये की आठ दिन की जीत रुकी

विदेशी निवेशकों के आने के बावजूद कच्चे तेल के बढ़ते दामों और डॉलर की मांग के कारण रुपया आठ दिन की बढ़ोतरी के बाद कमजोर पड़ गया। रुपया डॉलर के मुकाबले 94.83 के स्तर तक पहुंच गया।

LSN India · 22 October 2026

तेल की कीमत बढ़ने से रुपये की आठ दिन की जीत रुकी

विदेशी बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण रुपये की मजबूती की गति थमी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दामों में उल्लेखनीय वृद्धि से डॉलर की मांग बढ़ी है, जिसका असर रुपये पर पड़ा है। आठ लगातार कारोबारी दिनों तक मजबूती दिखाने के बाद रुपया अब कमजोर पड़ने लगा है।

रुपये की कमजोरी के पीछे कई कारण हैं। तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि से भारत को आयात बिल में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ रहा है, जिसका परिणाम डॉलर की अधिक मांग के रूप में सामने आ रहा है। साथ ही, विदेशी निवेशकों द्वारा डॉलर खरीदारी भी तेज हुई है।

हालांकि, जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से जुड़े विदेशी निवेश प्रवाह रुपये को समर्थन प्रदान कर रहे हैं। इस कारण रुपये में अत्यधिक गिरावट नहीं आई है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों की दिशा और विदेशी निवेश के रुझान रुपये की गतिविधियों को निर्धारित करेंगे।

वर्तमान स्थिति में रुपया 94.83 डॉलर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछली तुलना में कमजोर स्तर दर्शाता है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार, यदि तेल की कीमतों में कोई स्थिरता न रही तो रुपये पर दबाव बना रह सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां भी रुपये के मूल्य को प्रभावित करेंगी।