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कच्चे तेल और विदेशी निकासी से रुपये में गिरावट, तीन दिन में 1% कमजोर हुआ

उच्च कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की निकासी के दबाव में रुपया तीन कारोबारी सत्रों में 1 प्रतिशत से अधिक कमजोर हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि डॉलर के मुकाबले 96 रुपये का स्तर महत्वपूर्ण प्रतिरोध है।

LSN India · 11 September 2026

कच्चे तेल और विदेशी निकासी से रुपये में गिरावट, तीन दिन में 1% कमजोर हुआ

भारतीय रुपये में पिछले तीन दिनों में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी पूंजी की निकासी इस कमजोरी के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। रुपया डॉलर के मुकाबले 1 प्रतिशत से अधिक नीचे आ गया है।

मुद्रा बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान समय में डॉलर-रुपया विनिमय दर पर महत्वपूर्ण दबाव बना हुआ है। अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से भारत के आयात खर्च बढ़ रहे हैं, जिससे मुद्रा पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। इसके अलावा, विकसित देशों में ब्याज दरों में वृद्धि के कारण विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से अपनी पूंजी निकाल रहे हैं।

बाजार के पर्यवेक्षकों के अनुसार, 96 रुपये प्रति डॉलर का स्तर एक महत्वपूर्ण तकनीकी बिंदु माना जा रहा है। यदि रुपया इस स्तर को तोड़ता है तो आगे की कमजोरी की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक की हस्तक्षेप की संभावना रहती है ताकि मुद्रा में अत्यधिक अस्थिरता से बचा जा सके।

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक तेल बाजार और विदेशी निवेश प्रवाह भारतीय रुपये की गति को तय करेंगे। इसके साथ ही, घरेलू आर्थिक आंकड़े और मौद्रिक नीति के संकेतों पर भी निगाह रहेगी।