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तेल की कीमतों में गिरावट से रुपये में तेजी, छह महीने का शीर्ष स्तर
रुपया शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 93.91 पर बंद हुआ, जो अप्रैल के बाद से सर्वोच्च स्तर है। कच्चे तेल की गिरती कीमतों और विदेशी निवेशकों के मजबूत प्रवाह से मुद्रा को समर्थन मिला।
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भारतीय रुपया शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले अपने छह महीने के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया। रुपये ने 93.91 के स्तर पर बंद करते हुए 0.60 प्रतिशत की मजबूती दिखाई, जो 22 अप्रैल के बाद से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
मुद्रा की मजबूती के पीछे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट मुख्य कारण बताई जा रही है। तेल की सस्ती कीमतें भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करती हैं और आयात बिल को कम करने में मदद देती हैं।
इसके अलावा, विदेशी शेयर बाजार निवेशकों की भारतीय इक्विटी बाजार में बढ़ती रुचि भी रुपये को मजबूती प्रदान कर रही है। विदेशी निवेशकों के सकारात्मक रुख से भारतीय बाजारों में पूंजी प्रवाह में वृद्धि हुई है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की मजबूती अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है, हालांकि आगे के रुझानों को लेकर बाजार सतर्क बना हुआ है। अगले कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेश के प्रवाह पर निगाह रखी जा रही है।