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रुपया दो महीने के शिखर पर, RBI की योजना से मिला बढ़ावा
भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अपनी सबसे मजबूत स्थिति में पहुंच गया है। भारतीय रिजर्व बैंक की विदेशी मुद्रा योजना के तहत आए भारी विदेशी निवेश को इस सुदृढ़ता का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
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भारतीय रुपया पिछले दो महीने में अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंचते हुए डॉलर के विरुद्ध में दृढ़ता प्रदर्शित कर रहा है। यह सकारात्मक प्रदर्शन भारतीय अर्थव्यवस्था और मुद्रा बाजार में बढ़ती आस्था का संकेत माना जा रहा है।
रुपये की इस प्रबल स्थिति के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक की फॉरेक्स प्रबंधन योजना का महत्वपूर्ण योगदान है। इस योजना के माध्यम से विदेशी निवेशकों से पर्याप्त पूंजी प्रवाह हुआ है, जिससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि हुई है।
31 अगस्त तक इस योजना के तहत 136.37 अरब डॉलर का विदेशी निवेश जुटाया जा चुका है। यह राशि भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रति बढ़ते विश्वास और निवेशकों की आस्था को प्रदर्शित करती है।
विश्लेषकों के अनुसार, रुपये की यह मजबूती आने वाले समय में भारतीय निर्यातकों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है, जबकि आयातकों को राहत मिलेगी। मुद्रा की स्थिरता और सुदृढ़ता आर्थिक गतिविधियों को संतुलित रखने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।