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तेल की कीमतों और अमेरिकी प्रतिफलों में बढ़ोतरी से रुपये में गिरावट

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में वृद्धि से भारतीय रुपये में बিकवाली दबाव बढ़ गया है। सरकारी बॉन्ड बाजार में भी विक्रय का दौर जारी है।

LSN India · 24 September 2026

तेल की कीमतों और अमेरिकी प्रतिफलों में बढ़ोतरी से रुपये में गिरावट

विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये में गिरावट का रुझान देखा गया है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये का मूल्य 95.96 पर बंद हुआ, जो वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी के दबाव को दर्शाता है।

भारतीय सरकारी प्रतिभूति बाजार में भी विक्रय का दौर जारी रहा। दस साल की बेंचमार्क सरकारी बॉन्ड की यील्ड छह आधार अंक बढ़कर 7.11 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह स्तर 21 मई के बाद अब तक का सर्वोच्च स्तर है।

अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में कीमतों की तेजी से निर्यातक अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ा है। भारत जैसी तेल आयातक अर्थव्यवस्था को महंगाई और मुद्रा मूल्य के दृष्टिकोण से चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति दिशा और मुद्रास्फीति के आंकड़ों को लेकर वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। इस परिस्थिति में भारतीय निवेशक सावधानीपूर्वक बाजार देख रहे हैं।