World · India Bureau
ग्रामीण रोजगार योजना में अगस्त में मामूली सुधार, लेकिन 2025 के लक्ष्य से पीछे
मनरेगा के तहत जुलाई और अगस्त में रोजगार सृजन में साल-दर-साल गिरावट आई है। कुल व्यक्ति-दिवसों में 32 प्रतिशत की कमी आई है, जो 29.78 करोड़ से घटकर 20.21 करोड़ रह गई है।
LSN India ·

ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में अगस्त के आंकड़े मामूली सुधार का संकेत देते हैं, लेकिन योजना अभी भी पिछले वर्ष की तुलना में काफी पीछे है। कृषि क्षेत्र में 60 दिन के रुके हुए कार्य-काल को योजना के तहत रोजगार संख्या में आई भारी गिरावट का प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, जुलाई और अगस्त दोनों माह में रोजगार सृजन की दर पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कम रही है। कुल व्यक्ति-दिवसों में 32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जिसमें यह आंकड़ा 29.78 करोड़ से घटकर 20.21 करोड़ रह गया है।
कृषि कार्यों में आने वाली रुकावट के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों की मांग में कमी आई है। खरीफ फसल की कटाई और रबी फसल की बुवाई के बीच के इस अवधि में परंपरागत रूप से रोजगार के अवसरों में कमी आती है। हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि आने वाले महीनों में स्थिति में सुधार की संभावना है।
यह गिरावट 2025 के लिए योजना के तहत निर्धारित रोजगार लक्ष्यों के खिलाफ एक चुनौती प्रस्तुत करती है। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए कई कदम उठाए हैं, किंतु मौसमी कारकों का प्रभाव अभी भी महत्वपूर्ण बना हुआ है।