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भारत के कठिन समय में रूस था साथ: जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि जब विश्व के अधिकांश देश पाकिस्तान का समर्थन कर रहे थे, तब रूस भारत के पक्ष में खड़ा रहा। उन्होंने भारत-रूस संबंधों की मजबूती को लेकर सराहना की।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत और रूस के बीच ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि रूस ने भारत के सबसे कठिन समय में उसका साथ दिया। उन्होंने कहा कि जब अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के अधिकांश देश पाकिस्तान का समर्थन कर रहे थे, तब मास्को भारत के पक्ष में रहा। यह टिप्पणी दोनों देशों के दीर्घकालीन रणनीतिक भागीदारी को दर्शाती है।
जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि रूस ने भारत की क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं को समझा और उसके साथ मजबूत संबंध बनाए रखा। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी केवल राजनीतिक नहीं बल्कि आर्थिक, सांस्कृतिक और रक्षा क्षेत्र में भी गहरी है। विदेश मंत्री ने भारत-रूस संबंधों को परिभाषित करने वाली पारस्परिक समझ और विश्वास की प्रशंसा की।
भारत और रूस के बीच संबंध शीत युद्ध के दौरान भी सशक्त रहे हैं। सोवियत संघ के समय से लेकर आज तक, रूस भारत के विदेश नीति के केंद्रीय स्तंभों में से एक रहा है। दोनों देश रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी समेत कई क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं।
जयशंकर की यह टिप्पणी भारत के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में रूस की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है। यह संबंध भारत की बहु-संरेखित विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है और आने वाले समय में भी महत्वपूर्ण बने रहने की संभावना है।