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ईरान प्रस्ताव पर रूस-चीन की वीटो, UN में गहराया विभाजन
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस और चीन ने ईरानी प्रतिबंधों की निगरानी के लिए विशेषज्ञ पैनल के कार्यकाल विस्तार वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इससे अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ तनाव बढ़ गया है।
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न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस और चीन ने बुधवार को अमेरिका समर्थित एक प्रस्ताव पर अपनी वीटो शक्ति का इस्तेमाल किया। यह प्रस्ताव ईरान पर पुनः लागू किए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की निगरानी के लिए गठित विशेषज्ञ पैनल का कार्यकाल बढ़ाने के लिए पेश किया गया था।
वीटो के कारण यह कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ पाया है, जिससे ईरानी प्रतिबंधों की पर्यवेक्षण व्यवस्था में व्यवधान आने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि, पहले से लागू प्रतिबंध अपने स्थान पर बने रहेंगे, किंतु उनके कार्यान्वयन की निगरानी का तंत्र अब अधूरा रह गया है।
यह घटना संयुक्त राष्ट्र के भीतर भू-राजनीतिक विभाजन को उजागर करती है। अमेरिका, फ्रांस और अन्य पश्चिमी देशों के मध्य रूस तथा चीन की इस कार्रवाई ने ईरान नीति पर मौजूदा असहमति को और गहरा कर दिया है। विশ्लेषकों का मानना है कि यह वीटो दोनों तरफ के देशों के बीच बढ़ती कूटनीतिक खाई का प्रमाण है।