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रूस डीजल निर्यात पर प्रतिबंध बढ़ाएगा, सीमित छूट देगा
मास्को ने अधिकांश डीजल निर्यात पर प्रतिबंध जारी रखने का निर्णय लिया है, जबकि ट्रंप-पुतिन समझौते के तहत सीमित अंतर्राष्ट्रीय शिपमेंट की अनुमति दी जाएगी। यूक्रेन में तेल शोधन क्षेत्रों पर हमलों से वैश्विक ईंधन आपूर्ति पर दबाव बढ़ रहा है।
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रूस अपनी डीजल निर्यात नीति को विस्तारित करने की योजना बना रहा है, जिसमें अधिकांश अंतर्राष्ट्रीय बिक्री पर प्रतिबंध बनाए रखे जाएंगे। हालांकि, सीमित मात्रा में विदेशी बाजारों को डीजल भेजने की अनुमति दी जाएगी, जो हाल में संपन्न हुए राजनीतिक समझौते के तहत निर्धारित की गई है।
यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक महत्वपूर्ण विकास है, विशेषकर उस समय जब यूक्रेन के तेल शोधन संयंत्रों पर बार-बार सैन्य हमले हो रहे हैं। इन हमलों ने यूरोप और एशिया सहित कई क्षेत्रों में डीजल की उपलब्धता को प्रभावित किया है।
मास्को के इस निर्णय से तेल बाजार पर तनाव कम होने की उम्मीद है, लेकिन साथ ही वैश्विक ईंधन आपूर्ति श्रृंखला में अनिश्चितता भी बनी रह सकती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस समझौते से दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों को डीजल की कीमतों और उपलब्धता दोनों को लेकर राहत मिल सकती है।
इस नीति के प्रभाव को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा विश्लेषक बाजार की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं, क्योंकि रूस वैश्विक तेल आपूर्तिकर्ताओं में प्रमुख भूमिका निभाता है।