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सबरिमला में प्रसाद की कमी से भक्तों में आक्रोश, सरकार पर दबाव
त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड द्वारा अरवना प्रसाद की बिक्री को प्रति भक्त एक डिब्बे तक सीमित करने के बाद सोशल मीडिया पर तीव्र प्रतिक्रिया हुई है। देवस्वम मंत्री ने स्थिति को गंभीरता से लेने की बात कही है।
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सबरिमला मंदिर में अरवना प्रसाद की आपूर्ति को लेकर भक्तों में व्यापक असंतोष पैदा हो गया है। त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड द्वारा लिए गए निर्णय के तहत अब प्रत्येक श्रद्धालु को केवल एक डिब्बा अरवना ही दिया जाएगा, जिससे परंपरागत रूप से इस पवित्र प्रसाद को घर ले जाने की इच्छा रखने वाले भक्तों को निराशा हुई है।
इस प्रतिबंध के खिलाफ सोशल मीडिया और पारंपरिक मीडिया दोनों माध्यमों पर तीव्र प्रतिक्रिया दिखाई दी है। भक्त इस कदम को प्रसाद वितरण में अनावश्यक प्रतिबंध मान रहे हैं और इसे पूजा की परंपरा के विरुद्ध बता रहे हैं। कई श्रद्धालुओं ने इस नीति को बदलने की मांग की है।
इस विवाद के बीच केरल सरकार का ध्यान इस मामले पर केंद्रित हो गया है। देवस्वम मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और इसका समाधान ढूंढने के लिए काम कर रही है। यह टिप्पणी सरकार पर बढ़ते दबाव को दर्शाती है।
अरवना, जो खीर और गुड़ का मिश्रण है, सबरिमला मंदिर में सबसे महत्वपूर्ण और लोकप्रिय प्रसाद माना जाता है। प्रतिवर्ष लाखों भक्त इस पवित्र स्थान पर दर्शन के लिए आते हैं और प्रसाद के रूप में अरवना ले जाते हैं। वर्तमान प्रतिबंध इसी परंपरा में बाधा डाल रहा है।