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सागरमाला फाइनेंस ने अधिक कूपन दर के कारण ₹600 करोड़ की नीली बांड को वापस लिया
समुद्री क्षेत्र के ऋणदाता सागरमाला फाइनेंस ने अपनी 10 वर्षीय बांड की नीलामी को रद्द कर दिया है। कंपनी को 8 प्रतिशत से ऊपर के कूपन दर पर बोलियां मिलीं, जो उसकी अपेक्षा से अधिक थीं।
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समुद्री विकास से जुड़े सागरमाला फाइनेंस ने ₹600 करोड़ की नीली बांड (ब्लू बांड) की नीलामी को रद्द कर दिया है। यह निर्णय बांड पर बोली लगाने वाली दरें कंपनी की प्रत्याशा से ऊपर रहने के बाद लिया गया।
बांड की नीलामी प्रक्रिया में कंपनी को कुल ₹525 करोड़ की बोलियां मिलीं। ये बोलियां 7.69 प्रतिशत से लेकर 8.44 प्रतिशत तक के कूपन दर पर दी गईं। सागरमाला फाइनेंस का लक्ष्य इन 10 वर्षीय बांडों को 8 प्रतिशत से कम कूपन दर पर जारी करना था।
नीली बांड उन परियोजनाओं के लिए आर्थिक संसाधन जुटाने के लिए जारी किए जाते हैं जो समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र और नीली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देते हैं। सागरमाला फाइनेंस भारत के समुद्री क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बाजार की वर्तमान परिस्थितियों में ब्याज दरें अपेक्षा से अधिक रहने के कारण कंपनी को इस मुद्दे को वापस लेने का निर्णय लेना पड़ा। आने वाले समय में कंपनी बेहतर बाजार परिस्थितियों का इंतजार कर सकती है।