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सरस्वती पूजा 2026: तारीख, मुहूर्त और पूजन विधि की संपूर्ण जानकारी
सरस्वती पूजा 2026 में कब मनाई जाएगी? विद्या और ज्ञान की देवी को समर्पित इस महत्वपूर्ण पर्व की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा की परंपरागत विधि यहां जानें।
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भारतीय हिंदू परंपरा में सरस्वती पूजा वर्ष का एक प्रमुख धार्मिक पर्व है। यह पूजा आमतौर पर जनवरी-फरवरी के महीने में मनाई जाती है। देवी सरस्वती को ज्ञान, कला, संगीत और विद्या की अधिष्ठात्री माना जाता है, जिस कारण से यह पर्व विशेषकर छात्र-छात्राओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
सरस्वती पूजा की तारीख हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार निर्धारित होती है। परंपरागत रूप से यह पूजा बसंत ऋतु के आगमन से जुड़ी होती है और इसे बसंत पंचमी के रूप में भी जाना जाता है। पूजा का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसी दिन हजारत अली का जन्म भी माना जाता है और यह अनेक समुदायों के लिए सांस्कृतिक गुरुत्व रखता है।
पूजा की परंपरागत विधि में घरों और शिक्षण संस्थानों में देवी की प्रतिमा स्थापित की जाती है। पीले फूल, विशेषकर पलाश के फूल, इस पूजा के लिए प्रमुख माने जाते हैं। भक्त देवी को खीर, पूरी और आलू की सब्जी का भोग लगाते हैं। विद्यार्थी अपनी किताबें, कलम और अन्य शिक्षा सामग्री देवी के चरणों में रखते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
भारत के विभिन्न हिस्सों में इस पूजा को अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है। बंगाल, असम, उड़ीसा और अन्य पूर्वी प्रांतों में यह पर्व विशेष समारोह के साथ मनाया जाता है। शिक्षा के क्षेत्र में यह दिन प्रतीकात्मक रूप से नई शुरुआत और ज्ञान की खोज को दर्शाता है।