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उपग्रहों से भरे आसमान पर वैज्ञानिकों की चिंता, अंतरिक्ष प्रदूषण का बढ़ता खतरा

पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा कर रहे 31,000 से अधिक वस्तुओं ने अंतरिक्ष अवलोकन को नई चुनौती से जूझना पड़ रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह संकट खगोल विज्ञान के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बन गया है।

LSN India · 18 October 2026

उपग्रहों से भरे आसमान पर वैज्ञानिकों की चिंता, अंतरिक्ष प्रदूषण का बढ़ता खतरा

पृथ्वी के आस-पास की कक्षा में मौजूद वस्तुओं की संख्या चिंताजनक रूप से बढ़ रही है, जिससे अंतरिक्ष अनुसंधान और खगोलीय प्रेक्षणों में बाधा आ रही है। वर्तमान में 31,000 से अधिक वस्तुएं हमारे चारों ओर परिक्रमा कर रही हैं, जिनमें से 18,000 से ज्यादा सक्रिय उपग्रह और निष्क्रिय या क्षतिग्रस्त उपकरण शामिल हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस भीड़-भाड़ भरे अंतरिक्ष परिदृश्य से न केवल अंतरिक्ष मिशन को नुकसान हो रहा है, बल्कि ब्रह्मांड को समझने की हमारी क्षमता भी प्रभावित हो रही है। उपग्रहों की बढ़ती संख्या दूरबीनों से ब्रह्मांडीय घटनाओं का अवलोकन करना कठिन बना रही है।

अंतरिक्ष मलबे की समस्या वर्षों से विद्यमान है, लेकिन हाल के दशकों में उपग्रह इंटरनेट सेवाओं की तेजी से वृद्धि के कारण यह संकट और गंभीर हो गया है। सैटेलाइट नेटवर्क कंपनियों द्वारा हजारों नए उपग्रहों को कक्षा में भेजे जाने की योजना है।

वैज्ञानिक समुदाय इस परिस्थिति को नियंत्रित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय नीतियों और विनियमों के निर्माण की मांग कर रहा है। अंतरिक्ष स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित दृष्टिकोण की आवश्यकता है।