Business · India Bureau
सऊदी अरब की पाइपलाइन बंदी से वैश्विक तेल आपूर्ति को खतरा
ईरानी समर्थक मिलिशिया द्वारा हमले के बाद सऊदी अरब ने अपनी प्रमुख ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को बंद कर दिया है। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में और गंभीर संकट के संकेत मिल रहे हैं।
LSN India ·

मध्य पूर्व के सबसे बड़े तेल उत्पादक सऊदी अरब ने शुक्रवार को अपनी प्रमुख ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को बंद कर दिया है। सऊदी अधिकारियों ने इस हमले के लिए इराक के ईरानी समर्थक मिलिशिया द्वारा ड्रोन हमले को जिम्मेदार ठहराया है। क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार इस पाइपलाइन की मरम्मत में तीन से पांच सप्ताह का समय लग सकता है।
यह पाइपलाइन होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते जाने के बजाय लाल सागर तक कच्चे तेल को पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण है। होर्मुज जलडमरूमध्य से विश्व की लगभग पांचवां हिस्सा तेल आपूर्ति होती है। फरवरी में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से वैश्विक ऊर्जा बाजार पहले से ही संकट का सामना कर रहा है।
इसके अलावा, यमन के ईरानी समर्थक हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के महत्वपूर्ण शिपिंग मार्गों पर द्वीपों पर नियंत्रण कर लिया है, जिससे सऊदी अरब की तेल निर्यात में और अधिक बाधा आ रही है। हालांकि होर्मुज जलडमरूमध्य से सीमित मात्रा में टैंकर यातायात जारी है, लेकिन समग्र स्थिति वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला के लिए चिंताजनक बनी हुई है।
इस पाइपलाइन की बंदी से तेल की कीमतों में वृद्धि की संभावना है, जिससे ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। विश्व की ऊर्जा आपूर्ति पहले से ही अस्थिर परिस्थितियों में है और यह स्थिति इसे और जटिल बना सकती है।