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रिश्ता खत्म होने के बाद संबंध को बलात्कार नहीं कहा जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया कि जो व्यक्ति सहमति से किसी रिश्ते से अलग हो जाता है, उसे बाद में बलात्कार का आरोप नहीं लगाया जा सकता, भले ही रिश्ता खराब हो गया हो।

LSN India · 31 October 2026

रिश्ता खत्म होने के बाद संबंध को बलात्कार नहीं कहा जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट की यह महत्वपूर्ण घोषणा यौन अपराध से जुड़े मामलों में कानूनी स्पष्टता प्रदान करती है। कोर्ट के अनुसार, जब दोनों पक्ष आपसी सहमति से किसी संबंध में होते हैं, तो बाद में एक पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष के खिलाफ बलात्कार का आरोप लगाना कानूनी आधार पर समर्थित नहीं हो सकता।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि रिश्ते के अंत या उसके बिगड़ने के कारण किसी को अपराधी नहीं माना जा सकता यदि संबंध पारस्परिक सहमति के आधार पर था। यह निर्णय यौन अपराधों से संबंधित मामलों में कानूनी प्रक्रिया को परिभाषित करने में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह फैसला बलात्कार और सहमति वाले संबंधों के बीच अंतर को स्पष्ट करता है। सुप्रीम कोर्ट का यह पहलू भारतीय दंड संहिता के तहत बलात्कार की परिभाषा और कानूनी प्रावधानों को और बेहतर ढंग से समझने में सहायता करता है।

इस निर्णय के माध्यम से कोर्ट ने न्यायिक प्रणाली में एक महत्वपूर्ण सिद्धांत स्थापित किया है, जो भविष्य में इसी प्रकार के मामलों में निर्णय लेने का आधार बनेगा।