LSN News › India

Politics · India Bureau

सुप्रीम कोर्ट ने धार्मिक परिवर्तन के बाद आरक्षण लाभ देने से इनकार किया

सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्तियों को अनुसूचित जाति का आरक्षण लाभ देने से इनकार किया गया है। यह फैसला धार्मिक पहचान और सामाजिक सुरक्षा नीति को लेकर महत्वपूर्ण सवाल उठाता है।

LSN India · 15 October 2026

सुप्रीम कोर्ट ने धार्मिक परिवर्तन के बाद आरक्षण लाभ देने से इनकार किया

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास उच्च न्यायालय के एक महत्वपूर्ण फैसले को मंजूरी दी है, जिसमें धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्तियों को अनुसूचित जाति श्रेणी के तहत आरक्षण सुविधाएं देने से इनकार किया गया है। यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 17 की व्याख्या के संदर्भ में दिया गया है, जो अस्पृश्यता को समाप्त करता है।

मद्रास हाईकोर्ट का मूल फैसला इस आधार पर दिया गया था कि अनुसूचित जाति का दर्जा हिंदू समाज में ऐतिहासिक भेदभाव के आधार पर निर्धारित किया गया है। जब कोई व्यक्ति अपना धर्म परिवर्तन कर लेता है, तो वह इस ऐतिहासिक संदर्भ से अलग हो जाता है।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से भारत में आरक्षण नीति और धार्मिक पहचान के मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण कानूनी मिसाल स्थापित होती है। इस निर्णय का असर धर्म परिवर्तन करने वाले लाखों नागरिकों पर पड़ सकता है।

आरक्षण व्यवस्था की संवैधानिक व्याख्या को लेकर यह मामला विभिन्न सामाजिक और धार्मिक समूहों के बीच एक संवेदनशील विषय रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने इस निर्णय में कानूनी परंपरा और संवैधानिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया है।