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स्कूल यूनिफॉर्म: खुदरा और थोक कीमतों में बड़ा अंतर

स्कूलों में 300 रुपये में बिकने वाली टाई-बेल्ट और यूनिफॉर्म की वास्तविक थोक कीमत काफी कम है। शैक्षणिक संस्थानों और माता-पिता के बीच कीमतों के इस अंतर को समझना महत्वपूर्ण है।

LSN India · 4 September 2026

स्कूल यूनिफॉर्म: खुदरा और थोक कीमतों में बड़ा अंतर

भारतीय स्कूलों में स्कूल ड्रेस और संबंधित सामग्री की कीमतों में खुदरा विक्रय और थोक दरों के बीच उल्लेखनीय अंतर देखा जाता है। स्कूलों के माध्यम से वितरित की जाने वाली टाई-बेल्ट जहां 300 रुपये तक में बिकती है, वहीं इन वस्तुओं की वास्तविक थोक कीमत इससे काफी कम होती है।

स्कूल यूनिफॉर्म की आपूर्ति श्रृंखला में निर्माता से लेकर अंतिम विक्रय बिंदु तक कई स्तर होते हैं। थोक विक्रेताओं द्वारा स्कूलों को प्रदान की जाने वाली वस्तुओं में मार्जिन और प्रशासनिक खर्च जोड़े जाते हैं, जिससे अंतिम कीमत में वृद्धि होती है।

टाई, बेल्ट और अन्य यूनिफॉर्म सामग्री की थोक दर आमतौर पर खुदरा कीमत के 40 से 50 प्रतिशत तक होती है। इसका अर्थ है कि 300 रुपये में बिकने वाली वस्तु की वास्तविक निर्माण और वितरण लागत 150 से 180 रुपये के आसपास हो सकती है।

शिक्षा विशेषज्ञ और अभिभावक संगठन लंबे समय से स्कूल यूनिफॉर्म की कीमतों में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। कई राज्यों में नियामक निकाय स्कूलों द्वारा छात्रों पर लगाए जाने वाले यूनिफॉर्म व्यय को नियंत्रित करने के लिए दिशानिर्देश जारी कर चुके हैं।