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वैज्ञानिक अनुसंधान में जिज्ञासा और प्रमाण का होना आवश्यक: सीएसआईआरओ वैज्ञानिक

ऑस्ट्रेलियाई संस्था के वरिष्ठ वैज्ञानिक अनंतनारायणन रामन ने एसआरएम विश्वविद्यालय-एपी में कहा कि खुलेपन का मतलब हर नए विचार को बिना आलोचनात्मक दृष्टि से स्वीकार करना नहीं है।

LSN India · 23 September 2026

वैज्ञानिक अनुसंधान में जिज्ञासा और प्रमाण का होना आवश्यक: सीएसआईआरओ वैज्ञानिक

एसआरएम विश्वविद्यालय-एपी में अपने 26वें विश्वविद्यालय प्रतिष्ठित व्याख्यान में ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक संगठन सीएसआईआरओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अनंतनारायणन रामन ने कहा कि सफल वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए वास्तविक जिज्ञासा और ठोस प्रमाणों की आवश्यकता होती है।

रामन के अनुसार, वैज्ञानिक समुदाय में खुलापन और आलोचनात्मक सोच दोनों का संतुलन होना चाहिए। उन्होंने बताया कि नए विचारों को स्वीकार करने की इच्छा का मतलब यह नहीं है कि हर प्रस्ताव को बिना पूर्वाग्रह के माना जाए। वास्तविक वैज्ञानिक प्रक्रिया में साक्ष्य-आधारित सोच और सतर्क मूल्यांकन अपरिहार्य हैं।

रामन ने जोर दिया कि अनुसंधान की प्रामाणिकता तब ही बनी रहती है जब वैज्ञानिक अपनी जिज्ञासा को तार्किक और प्रायोगिक पद्धति के साथ जोड़ते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि खुली मानसिकता का मतलब समझदारीपूर्वक संशय भी है, जहां नए विचारों का स्वागत तो किया जाता है पर साथ ही उनकी कठोर जांच भी की जाती है।

इस व्याख्यान के माध्यम से रामन ने भारतीय शोधकर्ताओं को संदेश दिया कि वैज्ञानिक उन्नति के लिए पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक साक्ष्य-आधारित पद्धति में सामंजस्य आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह संतुलन ही भविष्य की बेहतर खोजों का आधार बनता है।