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360 साल बाद डोडो को जीवन में लाने की वैज्ञानिक कोशिश शुरू
विलुप्त पक्षी डोडो को फिर से जीवित करने के लिए शोधकर्ता कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आनुवंशिक अनुसंधान का सहारा ले रहे हैं। वैज्ञानिकों का यह महत्वाकांक्षी प्रयास विलुप्त प्रजातियों को पुनः जीवित करने की संभावना को दर्शाता है।
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मॉरीशस के मूल डोडो पक्षी को लेकर वैज्ञानिकों का एक अभूतपूर्व प्रयास चल रहा है। यह पक्षी लगभग 360 साल पहले धरती से पूरी तरह लुप्त हो गया था। अब शोधकर्ताओं की एक टीम इसके जीन्स को समझने और पुनर्निर्माण करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कर रही है।
डोडो के पुनरुद्धार की यह परियोजना आनुवंशिक विज्ञान में एक नई दिशा का संकेत देती है। वैज्ञानिकों ने संरक्षित डोडो के अवशेषों से डीएनए नमूने निकाले हैं और उन्हें आधुनिक कंप्यूटर तकनीक से विश्लेषण कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में एआई का उपयोग करके जीन के खोए हुए हिस्सों को खोजने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, विशेषज्ञ इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने में आने वाली तकनीकी चुनौतियों के बारे में सावधान हैं। डोडो को पूरी तरह से पुनः जीवित करने के लिए न केवल पूर्ण जीन अनुक्रम की आवश्यकता है, बल्कि एक उपयुक्त मेजबान प्रजाति की भी जरूरत है। वैज्ञानिक समुदाय अभी भी इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या ऐसी परियोजना नैतिक रूप से सही है और इसकी व्यावहारिक सफलता की संभावना कितनी है।