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आपातकाल में जीवन बचाने के लिए वैज्ञानिकों ने तिलचट्टों को साइबोर्ग में बदला

भारतीय और अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं ने आपातकालीन राहत कार्यों के लिए साइबोर्ग तिलचट्टों को विकसित किया है। ये कीटें खंडहर और कठिन इलाकों में पीड़ितों का पता लगा सकते हैं और चिकित्सा सहायता प्रदान कर सकते हैं।

LSN India · 16 September 2026

आपातकाल में जीवन बचाने के लिए वैज्ञानिकों ने तिलचट्टों को साइबोर्ग में बदला

आपातकालीन और आपदा राहत के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व प्रयोग किया गया है। वैज्ञानिकों की एक टीम ने तिलचट्टों को साइबोर्ग में रूपांतरित किया है, जिन्हें संकट से घिरे लोगों तक पहुंचने के लिए डिजाइन किया गया है। यह नवीन तकनीक पारंपरिक रोबोटिक्स के स्थान पर प्राकृतिक जीवों का उपयोग करके आपातकालीन प्रतिक्रिया को बेहतर बनाने का प्रयास है।

इन संशोधित कीटों को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है। प्रत्येक साइबोर्ग तिलचट्टे में एक छोटा कैमरा और इंजेक्शन प्रणाली लगाई गई है, जो संकटग्रस्त क्षेत्रों में मूल्यवान जानकारी एकत्र कर सकते हैं और तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान कर सकते हैं। ये कीटें अपने छोटे आकार और कुशल गतिविधि के कारण भूकंप, ढहते भवनों और अन्य आपदाओं में मलबे के बीच सफलतापूर्वक नेविगेट कर सकते हैं।

शोधकर्ताओं का लक्ष्य इस तकनीक को भविष्य की बड़ी आपदाओं और संकट स्थितियों में वास्तविक उपयोग के लिए तैयार करना है। दुर्गम इलाकों में खोज और बचाव अभियानों की दक्षता बढ़ाने के लिए यह प्रौद्योगिकी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।