World · India Bureau
बुढ़ापे में 'जॉम्बी कोशिकाओं' के जमा होने का कारण खोजा गया
चूहों पर किए गए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि कोशिकाओं की सफाई प्रक्रिया में गिरावट से 'जॉम्बी कोशिकाएं' जमा हो जाती हैं। इस प्रक्रिया को बहाल करने से उम्र संबंधी रोगों के इलाज का नया रास्ता खुल सकता है।
LSN India ·

जैविक अनुसंधान में एक महत्वपूर्ण खोज से पता चला है कि शरीर की कोशिकाओं को साफ करने वाली एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया उम्र के साथ कमजोर पड़ जाती है, जिससे 'जॉम्बी कोशिकाएं' या सेनेसेंट कोशिकाएं शरीर में जमा होने लगती हैं। शोधकर्ताओं ने चूहों पर किए गए अध्ययन में पाया कि शैपरोन-मध्यस्थ ऑटोफेजी (सीएमए) नामक कोशिकीय पुनर्चक्रण प्रक्रिया में गिरावट इन मृत या निष्क्रिय कोशिकाओं को साफ करने की प्रतिरक्षा प्रणाली की क्षमता को कमजोर कर देती है।
यह खोज विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि ये 'जॉम्बी कोशिकाएं' शरीर में सूजन और अन्य समस्याओं का कारण बनती हैं। अध्ययन में शोधकर्ताओं ने यह भी दिखाया कि जब सीएमए प्रक्रिया को पुनः सक्रिय किया गया, तो चूहों में इन मृत कोशिकाओं का जमाव कम हुआ, सूजन में कमी आई और ऊतकों के सख्त होने की समस्या में सुधार हुआ।
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह शोध उम्र से संबंधित कई रोगों के उपचार के लिए एक नई दिशा प्रदान करता है। कोशिकीय पुनर्चक्रण प्रक्रिया को बेहतर बनाने के तरीकों की खोज से भविष्य में गठिया, फेफड़ों की बीमारी और अन्य बुढ़ापे से जुड़ी समस्याओं का इलाज संभव हो सकता है। यह अनुसंधान बताता है कि स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए शरीर की स्वच्छता प्रक्रियाओं को सुचारु रखना कितना महत्वपूर्ण है।