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अल्जाइमर के संकेत होने के बाद भी दिमाग तेज क्यों रहता है
नीदरलैंड्स के एक नए अध्ययन ने अल्जाइमर रोग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण रहस्य सुलझाया है। वैज्ञानिकों ने पाया कि कुछ लोगों के दिमाग में विशेष प्रकार के अपरिपक्व न्यूरॉन्स संज्ञानात्मक क्षमता को बरकरार रखने में मदद करते हैं।
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नीदरलैंड्स इंस्टीट्यूट फॉर न्यूरोसाइंस के शोधकर्ताओं ने अल्जाइमर रोग के एक अहम पहलू को समझने में कामयाबी हासिल की है। उन्होंने विभिन्न मस्तिष्क ऊतकों का विश्लेषण किया, जिनमें डिमेंशिया के लक्षण वाले और बिना लक्षण वाले दोनों मामले शामिल थे। इस तुलनात्मक अध्ययन से एक दिलचस्प खोज सामने आई।
अध्ययन में पाया गया कि जिन व्यक्तियों में अल्जाइमर रोग के मस्तिष्क संबंधी परिवर्तन मौजूद हैं, लेकिन वे संज्ञानात्मक दृष्टि से स्वस्थ हैं, उनके दिमाग में अपरिपक्व न्यूरॉन्स की भूमिका अलग होती है। ये न्यूरॉन्स क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को सीधे बदलने के बजाय मस्तिष्क के कार्यों को समर्थन देने का काम करते हैं।
यह खोज यह समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है कि कुछ लोग अल्जाइमर जैसे रोगों के लक्षणों के विरुद्ध क्यों अधिक प्रतिरोधी साबित होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये अपरिपक्व न्यूरॉन्स मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को सुचारु रखने के लिए एक सुरक्षात्मक तंत्र प्रदान करते हैं। इस दिशा में आगे के शोध से भविष्य में अल्जाइमर रोग के इलाज में नई संभावनाएं खुल सकती हैं।