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अमेरिकी शिपबिल्डर ने कंपनी बेचकर बनाया विरासत, संरक्षण को दिया नया आयाम
सिएटल के शिपबिल्डर रॉबर्ट मोरान ने 1906 में अपनी कंपनी 3.5 मिलियन डॉलर में बेचने के बाद ओर्कास द्वीप पर एक भव्य सम्पदा का निर्माण किया। उन्होंने वाशिंगटन राज्य को 2,700 एकड़ से अधिक भूमि का दान दिया, जिससे मोरान स्टेट पार्क की स्थापना हुई।
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सिएटल के प्रख्यात शिपबिल्डर रॉबर्ट मोरान का जीवन 20वीं सदी की एक प्रेरणादायक कहानी है। 1905 में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करते हुए मोरान ने अपने व्यावसायिक जीवन में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया और अपनी जहाज निर्माण कंपनी को 3.5 मिलियन डॉलर में बेच दिया। यह राशि उस समय के लिए काफी महत्वपूर्ण थी।
कंपनी बेचने के बाद मोरान ने शांति की खोज में ओर्कास द्वीप का रुख किया। यहां उन्होंने रोसारियो नामक एक भव्य सम्पदा का निर्माण किया, जो उनके स्वास्थ्य लाभ और वैयक्तिक पुनर्जन्म का प्रतीक बन गया। यह भव्य निवास उनके नए जीवन चरण की शुरुआत थी।
मोरान की सबसे बड़ी विरासत हालांकि उनके संरक्षण प्रयासों में निहित है। 1921 में उन्होंने वाशिंगटन राज्य को 2,700 एकड़ से अधिक भूमि का दान कर दिया। इस उदार दान ने मोरान स्टेट पार्क की स्थापना की, जो आज क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पर्यटन और मनोरंजन केंद्र बन गया है।
1943 में मोरान का निधन हुआ, लेकिन उनके द्वारा स्थापित पार्क आज भी हजारों आगंतुकों को आकर्षित करता है। उनके संरक्षण प्रयास क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण की एक स्थायी विरासत के रूप में बने हुए हैं। मोरान को क्षेत्र के संरक्षण आंदोलन के अग्रदूत के रूप में याद किया जाता है।