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सेबी ने विदेशी निवेशकों के लिए केवाईसी जांच अवधि बढ़ाई
भारतीय प्रतिभूति बाजार नियामक सेबी ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के नियमन में ढील देते हुए केवाईसी समीक्षा अवधि को दो या आठ साल तक बढ़ाया है। यह नियम 1 दिसंबर से लागू होगा।
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सेबी ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के अनुपालन नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य विदेशी निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाना है और भारतीय पूंजी बाजार में निवेश को आसान बनाना है।
नए निर्देशों के अनुसार, निर्धारित विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की केवाईसी (नो योर कस्टमर) समीक्षा अवधि पहले की तुलना में अधिक समय की हो गई है। इन निवेशकों को अब दो या आठ साल के अंतराल पर अपनी केवाईसी जानकारी की समीक्षा करानी होगी, जो पहले की अवधि से अधिक लचीली व्यवस्था है।
इसके अलावा, सेबी ने विदेशी निवेशकों के लिए अलग से निर्धारित प्रकटीकरण आवश्यकता को भी समाप्त किया है। यह कदम नियामक बोझ को कम करने और निवेश प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
ये सभी परिवर्तन 1 दिसंबर 2024 से प्रभावी होंगे। सेबी के अनुसार, ये नीतिगत परिवर्तन भारत में विदेशी पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने और वैश्विक निवेशकों के लिए भारतीय बाजार को अधिक आकर्षक बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं।