World · India Bureau
विदेशी पूंजी बाहर निकलने को रोकने के लिए सेबी की व्यापार सुधार योजना
भारतीय प्रतिभूति बाजार नियामक ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नए उपाय प्रस्तावित किए हैं। ये सुधार नकद इक्विटी में कम संपार्श्विक आवश्यकताओं और लंबी अवधि के डेरिवेटिव को बढ़ावा देने पर केंद्रित हैं।
LSN India ·

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने विदेशी पूंजी के बहिर्वाह को रोकने के लिए व्यापार सुधारों की एक श्रृंखला की घोषणा की है। यह कदम इस समय आता है जब विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 17 वर्ष के निचले स्तर पर पहुंच गई है। नियामक के प्रस्तावों का लक्ष्य भारतीय वित्तीय बाजारों को अधिक आकर्षक और प्रतিस्पर्धी बनाना है।
सेबी की योजना के तहत नकद इक्विटी बाजार में संपार्श्विक आवश्यकताओं को कम किया जाएगा, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए व्यापार करना आसान हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, बोर्ड लंबी अवधि के डेरिवेटिव उपकरणों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोत्साहन योजनाएं पेश करने की तैयारी कर रहा है। ये उपाय बाजार की तरलता बढ़ाने और विदेशी निवेशकों की रुचि पुनः जागृत करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, ये सुधार भारतीय पूंजी बाजार की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण हैं। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच विदेशी निवेशकों का आकर्षण भारतीय बाजार की विश्वसनीयता और वृद्धि संभावनाओं पर प्रत्यक्ष प्रभाव डालता है। सेबी की ये पहल नियामक ढांचे को आधुनिक बनाने और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।