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1958 में अमेरिका ने दक्षिण अटलांटिक के ऊपर तीन परमाणु बम विस्फोट किए
गोपनीय 'ऑपरेशन आर्गस' के तहत अमेरिका ने समताप मंडल में परमाणु परीक्षण किए। इन विस्फोटों से कृत्रिम सूर्य प्रकाश और अस्थायी विकिरण पेटियां बनीं, जिससे अंतर्राष्ट्रीय स्पेस परमाणु प्रतिबंध संधि का रास्ता खुला।
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1958 में संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक अत्यंत गोपनीय कार्यक्रम के तहत दक्षिण अटलांटिक महासागर के ऊपर समताप मंडल में तीन परमाणु उपकरणों का विस्फोट किया। ये विस्फोट 100 से 500 किलोमीटर की ऊंचाई पर किए गए थे। इस ऑपरेशन आर्गस नामक मिशन का उद्देश्य सोवियत मिसाइल हमलों और रडार पहचान प्रणालियों के विरुद्ध एक सुरक्षा कवच बनाना था।
इन विस्फोटों के कारण आकाश में शानदार कृत्रिम अरोरा (ध्रुवीय प्रकाश) पैदा हुआ और पृथ्वी के चारों ओर अस्थायी विकिरण पेटियां निर्मित हुईं। वैज्ञानिकों का विचार था कि ये विकिरण पेटियां आने वाली मिसाइलों को निष्क्रिय कर सकती हैं। हालांकि, ये कृत्रिम बाधाएं शीघ्र ही विलीन हो गईं।
ऑपरेशन आर्गस के परिणाम दुर्भाग्यपूर्ण सिद्ध हुए। इन परमाणु विस्फोटों से पृथ्वी पर दूरसंचार प्रणालियों में गंभीर व्यवधान उत्पन्न हुआ। इन घटनाक्रमों के बाद अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने अंतरिक्ष में परमाणु परीक्षणों पर प्रतिबंध लगाने के लिए संधियां और समझौते तैयार किए। इसी घटना को बाद की अंतर्राष्ट्रीय नीतियों का महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है।