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मूसा की मौत के बाद सुरक्षा बलों का ध्यान अब विदेशी आतंकियों पर केंद्रित

जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर मूसा के निधन के बाद सुरक्षा एजेंसियां घाटी में सक्रिय 35 से 40 विदेशी आतंकवादियों को समाप्त करने पर जोर दे रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि आतंकवाद पर नियंत्रण के लिए विदेशी तत्वों और उनके स्थानीय समर्थन नेटवर्क को तोड़ना आवश्यक है।

LSN India · 1 October 2026

मूसा की मौत के बाद सुरक्षा बलों का ध्यान अब विदेशी आतंकियों पर केंद्रित

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा जा रहा है। लश्कर-ए-तैयबा के प्रभावशाली कमांडर मूसा के मारे जाने के पश्चात, सुरक्षा एजेंसियां अब क्षेत्र में मौजूद विदेशी आतंकवादियों को अपना प्रमुख लक्ष्य बना रही हैं।

सूचना के अनुसार, कश्मीर घाटी में वर्तमान में 35 से 40 विदेशी आतंकी सक्रिय हैं जिन्हें समाप्त करना सुरक्षा बलों की तत्काल प्राथमिकता बन गई है। अधिकारियों के अनुसार, इन विदेशी तत्वों के पास स्थानीय समर्थन नेटवर्क भी है जो उनकी गतिविधियों में सहायता प्रदान करता है।

विश्लेषकों का मानना है कि विदेशी आतंकवादियों को निशाना बनाने से न केवल आतंकवाद की मजबूती कमजोर होगी, बल्कि पाकिस्तान से आने वाली बाहरी सहायता भी बाधित होगी। सुरक्षा बलें इन आतंकियों के साथ काम करने वाले स्थानीय नेटवर्क को भी समानांतर रूप से चिन्हित कर रहे हैं।

मूसा के मारे जाने को आतंकवाद विरोधी अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता माना गया था। सुरक्षा एजेंसियां इसी गति को बनाए रखते हुए आगामी महीनों में विदेशी आतंकवादियों के विरुद्ध संचालन को तीव्र करने की योजना बना रही हैं।