World · India Bureau
IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे: अपने बच्चों को सिविल सर्विस में नहीं भेजूंगा
21 साल के कार्यकाल में 25 बार स्थानांतरण का सामना करने वाले सीनियर IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे ने अपने बच्चों को सरकारी सेवा से दूर रखने का निर्णय लिया है। लगातार तबादलों और कार्यक्षेत्र में आने वाली चुनौतियों को लेकर उन्होंने अपना मत व्यक्त किया है।
LSN India ·

देश भर के लाखों युवाओं के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रवेश सबसे बड़ी महत्वाकांक्षा मानी जाती है, लेकिन उच्च रैंक के एक अधिकारी का अलग ही अनुभव है। सीनियर IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे अपने बच्चों को सिविल सर्विसेज में प्रवेश के लिए प्रेरित नहीं करेंगे।
मुंढे के 21 साल के कार्यकाल में 25 बार स्थानांतरण होने से जुड़ी जानकारी मिली है। इस बार-बार तबादली के कारण परिवार को स्थिरता न मिल पाने के बारे में उन्होंने चिंता व्यक्त की है। प्रशासनिक सेवा में काम करने वाले अधिकारियों को लगातार एक जगह से दूसरी जगह भेजे जाने का यह सिलसिला व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित करता है।
मुंढे का मानना है कि इस तरह की नीति परिवार के साथ समय बिताने और स्थायी सामाजिक संबंध बनाने में बाधा डालती है। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि भविष्य में इस व्यवस्था में सुधार होगा ताकि अधिकारियों को अपने परिवार के साथ संतुलित जीवन जीने का अवसर मिल सके।
उनका यह बयान सिविल सर्विसेज में कार्मिकों की चुनौतियों पर एक महत्वपूर्ण प्रश्नचिह्न लगाता है और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करता है।