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यूपी विभाजन की मांग: 71 साल पुरानी राजनीति फिर जागी

उत्तर प्रदेश को चार राज्यों में विभाजित करने की मांग को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है। डॉक्टर अंबेडकर के 1955 के प्रस्ताव को लेकर अब नई बहस शुरू हुई है।

LSN India · 21 September 2026

यूपी विभाजन की मांग: 71 साल पुरानी राजनीति फिर जागी

उत्तर प्रदेश को चार अलग-अलग राज्यों में विभाजित करने की मांग को लेकर राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। यह विचार नया नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें 71 साल पीछे तक जाती हैं जब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने 1955 में पहली बार इस विचार को सामने रखा था।

हाल ही में राज्य के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इस मुद्दे को फिर से उठाया है, जिससे राज्य के पुनर्गठन को लेकर पुरानी बहस दोबारा जीवंत हो गई है। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले यह मुद्दा राजनीतिक एजेंडा में शामिल हो गया है।

इस प्रस्ताव को लेकर भारतीय जनता पार्टी की समकक्ष राजनीतिक शक्तियों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती ने इससे पहले भी इसी तरह के सुझाव दिए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के प्रशासनिक विभाजन की चर्चा दशकों से होती रही है, लेकिन इसे लागू करना एक जटिल राजनीतिक और संवैधानिक प्रक्रिया है। राज्य की विशाल जनसंख्या और क्षेत्रीय असमानताओं को देखते हुए यह मुद्दा समय-समय पर राजनीतिक विमर्श में आता रहा है।