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कर्नाटक में सूखे से शहतूत की पैदावार में 50% गिरावट
रेशम पेटी के किसानों ने सूखे और हरियाली में कमी के कारण खेतों में थ्रिप्स और माइट्स के प्रकोप की शिकायत की है। इससे शहतूत की उपज में भारी नुकसान हो रहा है।
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कर्नाटक के रेशम उत्पादन क्षेत्र में कृषकों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि चल रहे सूखे ने शहतूत की पैदावार में लगभग 50 प्रतिशत की कमी ला दी है। विस्तृत क्षेत्र में किसानों की ओर से यह चेतावनी दी जा रही है कि जल की कमी और वनस्पति में ह्रास के कारण कृषि उत्पादन में तेजी से गिरावट आ रही है।
खेतों की स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है क्योंकि प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों ने कीटों की समस्या को बढ़ा दिया है। थ्रिप्स और माइट्स जैसे हानिकारक कीटों का प्रकोप पूरे सूखा प्रभावित क्षेत्र में देखा जा रहा है, जो शहतूत के पेड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं।
रेशम उद्योग के लिए शहतूत की पत्तियां अत्यंत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि रेशम के कीड़े इन्हीं पर निर्भर करते हैं। पैदावार में आई इस भारी गिरावट से क्षेत्र के रेशम उत्पादकों की आर्थिक स्थिति को गहरा संकट का सामना करना पड़ सकता है।
किसानों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप और सहायता की अपील की है ताकि सूखे के इस संकट काल में उन्हें राहत मिल सके और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचा जा सके।