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SEZ माल वापसी नियमों में सुविधा, लेकिन कई मुद्दे अनसुलझे
सरकार के नए SEZ नियमों से विफल डिलीवरी के बाद माल वापसी पर सीमा शुल्क छूट मिलेगी, लेकिन सीमित समयसीमा और ड्रॉबैक विवादों से घरेलू क्रेताओं और निर्यातकों के लिए खामियां बनी रहेंगी।
LSN India ·

सरकार ने विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) से वापस किए गए सामानों पर सीमा शुल्क रिफंड देने के लिए नए नियम जारी किए हैं। यह कदम असफल डिलीवरी और व्यापार विवादों में फंसे निर्यातकों को राहत प्रदान करने के लिए माना जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत, जब SEZ से भेजा गया माल किसी कारण से वापस लौटाया जाता है, तो निर्यातक पहले से दिए गए सीमा शुल्क की वापसी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
हालांकि, इस नीति में कई सीमाएं हैं जो व्यावहारिक स्तर पर समस्या खड़ी कर सकती हैं। माल वापसी के लिए निर्धारित समयसीमा अपेक्षाकृत कम है, जिससे घरेलू खरीदारों और निर्यातकों को प्रशासनिक जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, ड्रॉबैक सुविधा से संबंधित कई विवाद अभी भी अनसुलझे हैं।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार, यह नीति सही दिशा में एक कदम है, लेकिन इसे और अधिक व्यापक बनाने की आवश्यकता है। SEZ में निर्यातकों को अक्सर ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है जहां माल गुणवत्ता समस्याओं या बाजार की बदली हुई परिस्थितियों के कारण वापस आता है। इन स्थितियों में तेजी से और स्पष्ट नियमों की जरूरत है।
सरकार से अपेक्षा की जा रही है कि वह आने वाले समय में इन नियमों को सुधारते हुए समयसीमा को लचीला बनाए और ड्रॉबैक विवादों को हल करने के लिए एक स्पष्ट तंत्र स्थापित करे। इससे SEZ में कारोबार करने वाली कंपनियों के लिए कार्यप्रवाह और भी सरल हो सकेगा।