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सूक्ष्मवित्त वसूली से एसएफबी के एनपीए में आएगी गिरावट: क्रिसिल
क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में सूक्ष्मवित्त क्षेत्र में क्रेडिट प्रदर्शन में सुधार से लघु वित्त बैंकों के सकल अनिष्पादित आस्तियों में कमी आएगी। गैर-सूक्ष्मवित्त ऋणों के बढ़ते योगदान से आस्ति गुणवत्ता स्थिर रहने की संभावना है।
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लघु वित्त बैंकों (एसएफबी) के सकल अनिष्पादित आस्तियों (एनपीए) में अगले वित्त वर्ष में महत्वपूर्ण गिरावट आने की संभावना है। यह सुधार मुख्य रूप से सूक्ष्मवित्त क्षेत्र में क्रेडिट प्रदर्शन में सुधार के कारण होगा, जहां पुनरुद्धार की गतिविधियां तेज हो रही हैं।
रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के विश्लेषण से पता चलता है कि सूक्ष्मवित्त पोर्टफोलियो की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है। इसके साथ ही, लघु वित्त बैंकों के गैर-सूक्ष्मवित्त ऋण खंड में वृद्धि हो रही है, जहां आस्ति गुणवत्ता स्थिर बनी हुई है। यह द्वैध विकास रणनीति एनपीए अनुपात को सकारात्मक दिशा में ले जा रही है।
लघु वित्त बैंकों की वसूली की गतिविधियों में तेजी और पोर्टफोलियो विविधीकरण की रणनीति मिलकर एनपीए संकेतकों को बेहतर बनाने में सहायक साबित हो रही है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में यह सकारात्मक प्रवृत्ति जारी रहेगी।
क्रिसिल की रिपोर्ट यह भी दर्शाती है कि सेक्टर में आस्ति गुणवत्ता के संबंध में बेहतरी की यह प्रवृत्ति एसएफबी के संचालन की दक्षता और जोखिम प्रबंधन में सुधार को परिलक्षित करती है। इन सकारात्मक संकेतों से अगले वित्त वर्ष में लघु वित्त बैंकों के समग्र वित्तीय स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद है।