World · India Bureau
शरद पूर्णिमा 2026: पूजा का समय, चंद्रोदय और खीर रखने की विधि
शरद पूर्णिमा के अवसर पर मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन चंद्रोदय के समय पूजा करने और खीर रखने की परंपरा रहती है।
LSN India ·

शरद पूर्णिमा हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है, जिसे कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है और घरों में खीर का विशेष महत्व होता है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, इस रात को चंद्रमा अपनी पूर्ण कांति के साथ उदित होता है।
शरद पूर्णिमा की पूजा के लिए सही मुहूर्त का पालन करना आवश्यक माना जाता है। चंद्रोदय के समय घर के आंगन में बैठकर देवी लक्ष्मी को प्रणाम किया जाता है। इस अवसर पर तुलसी के पौधे को विशेष महत्व दिया जाता है और घर की पवित्रता के लिए दीप जलाए जाते हैं।
खीर को रात भर चांदनी में रखने की परंपरा इस पूर्णिमा के साथ जुड़ी है। मान्यता है कि चंद्रमा की किरणें खीर में पड़ने से उसमें औषधीय गुण आ जाते हैं। परिवार के सभी सदस्यों को इस खीर को भोग के रूप में ग्रहण करने की प्रथा रहती है।
शरद पूर्णिमा पर पूजा विधि में मां लक्ष्मी को दीप अर्पित करना, धूप-अगरबत्ती का प्रयोग और आरती गाना शामिल होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात को भगवान कृष्ण ने रास लीला का आयोजन किया था, जिससे इस पर्व का विशेष धार्मिक महत्व है।