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मृत्यु मेरी नियति हो सकती है, फिर भी बांग्लादेश लौटूंगी: शेख हसीना
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपनी मातृभूमि लौटने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया है, भले ही उन्हें मौत की सजा का सामना करना पड़े। हसीना का आवामी लीग पार्टी प्रतिबंधित है और देश में राजनीतिक दमन का माहौल है।
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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिसंबर में देश लौटने की अपनी योजना को दोहराया है, भले ही उन्हें गंभीर खतरों का सामना करना पड़ सकता है। हसीना ने स्वीकार किया है कि उनकी वापसी से गिरफ्तारी या इससे भी बदतर परिणाम हो सकते हैं। फिर भी, वह अपने निर्णय से पीछे नहीं हट रहीं।
वर्तमान में बांग्लादेश में राजनीतिक सूरत तनावपूर्ण है। हसीना की पार्टी आवामी लीग को प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप पार्टी के सदस्यों के खिलाफ व्यापक दमन और हिंसा देखने को मिल रही है। राजनीतिक असंतोष और सामाजिक अस्थिरता का माहौल गहरा हुआ है।
हसीना ने चिंता जताई है कि बांग्लादेश में अतिवादी समूहों का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। मौजूदा राजनीतिक माहौल में ये गुट अपनी ताकत बढ़ा रहे हैं, जो देश के भविष्य के लिए खतरनाक है। हसीना का मानना है कि उन्हें अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए, चाहे इसकी कीमत कुछ भी हो।
शेख हसीना का यह रुख उनके दृढ़ राजनीतिक विश्वास और देश के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनकी वापसी बांग्लादेश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति में एक महत्वपूर्ण मोड़ ला सकती है।