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शिव सेना विवाद: एकनाथ शिंदे गुट का सुप्रीम कोर्ट में तर्क
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिव सेना गुट ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी है कि विधायकों के बहुमत का मापदंड पार्टी की असली शाखा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गुट का तर्क है कि 2023 के संविधान पीठ के फैसले में इस कसौटी को खारिज नहीं किया गया था।
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नई दिल्ली - शिव सेना को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट ने सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण तर्क प्रस्तुत किया है। शिंदे पक्ष ने अपनी दलील में कहा है कि विधायकों के विधानसभा में अपने पास रखने वाले बहुमत को यह तय करने में प्रमुख कारक माना जा सकता है कि असली शिव सेना कौन सी है। इस तर्क को प्रस्तुत करते हुए, शिंदे गुट ने सुप्रीम कोर्ट के 2023 के फैसले का हवाला दिया। इस फैसले में तत्कालीन न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने सुभाष देसाई केस में विधायकों के बहुमत के आधार पर परीक्षण को पूरी तरह से खारिज नहीं किया था। शिंदे पक्ष का तर्क है कि इस महत्वपूर्ण निर्णय में अदालत ने इस कसौटी की वैधता को बरकरार रखा था। शिव सेना के विभाजन के बाद से यह विवाद लंबित है, जिसमें दोनों गुट पार्टी की वास्तविक विरासत होने का दावा कर रहे हैं।