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नैतिक शिक्षा के संकट के बीच कौशल विकास कोर्स जरूरी: माधुसुदन साई
प्रमुख आध्यात्मिक चिंतक माधुसुदन साई ने स्कूलों में नैतिक और मूल्य-आधारित शिक्षा में गिरावट को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने अल्पकालीन कौशल-केंद्रित पाठ्यक्रमों को युवाओं के विकास के लिए अत्यावश्यक बताया है।
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भारतीय शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता में सुधार के मुद्दे पर माधुसुदन साई ने कहा है कि वर्तमान समय में व्यावहारिक और कौशल-आधारित अल्पकालीन पाठ्यक्रमों की आवश्यकता बढ़ गई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पारंपरिक शैक्षणिक ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता है।
साई ने स्कूली शिक्षा में नैतिकता और मूल्य-आधारित विषयों के महत्व को रेखांकित किया है। उनके अनुसार, शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि युवाओं के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देना चाहिए। वर्तमान समय में इस दिशा में हो रही कमी एक गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की शिक्षा देना समकालीन समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस संतुलित दृष्टिकोण से ही भारतीय युवा अधिक जिम्मेदार और समग्र विकास के रास्ते पर आगे बढ़ सकते हैं।