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जलवायु परिवर्तन से श्रीनगर का जल संकट गहराता जा रहा है

कश्मीर के सिकुड़ते ग्लेशियरों और बदलते बर्फबारी के पैटर्न का सीधा असर श्रीनगर की जल आपूर्ति पर पड़ रहा है। दूध गंगा नदी में जल स्तर में गिरावट से शहर की 2 लाख से अधिक आबादी को गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है।

LSN India · 22 October 2026

जलवायु परिवर्तन से श्रीनगर का जल संकट गहराता जा रहा है

कश्मीर क्षेत्र में तेजी से घटते ग्लेशियरों के कारण श्रीनगर शहर में जल संकट की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो रही है। शहर की मुख्य जल आपूर्ति स्रोत दूध गंगा नदी में जल प्रवाह में उल्लेखनीय कमी देखी जा रही है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर चिंता व्यक्त की जा रही है।

वैज्ञानिक आंकड़ों से संकेत मिलता है कि हिमालयी क्षेत्र के ग्लेशियर पिछले कुछ दशकों में तेजी से सिकुड़ रहे हैं। इसके साथ ही पारंपरिक बर्फबारी के स्वरूप में भी बदलाव आया है, जो बसंत और गर्मी के मौसम में जल स्रोतों की पूर्ति को प्रभावित कर रहा है।

दूध गंगा नदी श्रीनगर के लाखों निवासियों के लिए पेयजल का प्रमुख स्रोत है। वर्तमान में इस नदी के जल स्तर में आई कमी की वजह से शहर की 2 लाख से अधिक आबादी को पीने के पानी की अनिश्चित आपूर्ति का सामना करना पड़ रहा है।

जल संकट से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन और जल आपूर्ति विभाग वैकल्पिक उपायों पर विचार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के दीर्घकालीन प्रभावों से निपटने के लिए टिकाऊ जल प्रबंधन रणनीति की तत्काल आवश्यकता है।