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नेपाल की बाढ़ के बाद सिक्किम समूह ने PM मोदी से जलविद्युत परियोजनाओं पर रोक लगाने का आग्रह किया
नेपाल में आई भीषण बाढ़ में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी घाटियों में 13 जलविद्युत परियोजनाओं को व्यापक नुकसान हुआ है। सिक्किम के पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इसे लेकर भारतीय प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है।
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नेपाल में आई भयंकर बाढ़ की घटना के बाद सिक्किम के एक पर्यावरणीय समूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संवेदनशील नदी क्षेत्रों में जलविद्युत परियोजनाओं पर तत्काल रोक लगाने का आह्वान किया है। समूह का मानना है कि ये परियोजनाएं पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा रही हैं।
नेपाल की इस आपदा में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी गलियारों के साथ-साथ स्थित कम से कम 13 जलविद्युत परियोजनाएं भारी क्षति का शिकार हुई हैं। इनमें 111 मेगावाट की रसुवागढ़ी परियोजना भी शामिल है, जिसे बाढ़ के कारण व्यापक नुकसान हुआ है।
सिक्किम के कार्यकर्ताओं का तर्क है कि इस तरह की प्राकृतिक आपदाएं भविष्य में और भी गंभीर हो सकती हैं यदि नदी क्षेत्रों में अनियंत्रित विकास परियोजनाएं जारी रहें। उन्होंने नदी घाटियों की पारिस्थितिकीय संवेदनशीलता पर ध्यान देने और भूभौतिकीय जोखिमों का मूल्यांकन करने का आग्रह किया है।
यह घटना पूर्वोत्तर भारत में जलविद्युत विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच चल रहे विवाद को फिर से सामने लाती है। क्षेत्रीय विशेषज्ञ इस बात पर जोर दे रहे हैं कि विकास परियोजनाओं को तैयार करते समय जलवायु परिवर्तन और आपदा जोखिम को ध्यान में रखना अपरिहार्य है।