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नेपाल की बाढ़ के बाद सिक्किम ने 16 खतरनाक ग्लेशियल झीलों पर लगाए सेंसर
सिक्किम सरकार ने जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने के लिए उच्च जोखिम वाली ग्लेशियल झीलों की निगरानी शुरू की है। राज्य में 400 से अधिक ऐसी झीलें हैं, जिनमें से 16 को संवेदनशील माना गया है।
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सिक्किम ने पर्वतीय क्षेत्रों में ग्लेशियल झीलों से उत्पन्न होने वाले खतरों का सामना करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य ने अपने 16 उच्च-जोखिम ग्लेशियल झीलों पर अत्याधुनिक सेंसर स्थापित किए हैं जो रीयल-टाइम डेटा एकत्र करेंगे।
यह निर्णय हाल ही में नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद लिया गया है, जिसने क्षेत्र में जलवायु-संबंधित आपदाओं के प्रति चेतावनी बढ़ाई है। सिक्किम में कुल 400 से अधिक ग्लेशियल झीलें हैं, जिनके आकार और स्थान में विविधता है। सरकार ने इनमें से 16 को विस्तृत भेद्यता मूल्यांकन के माध्यम से सर्वोच्च प्राथमिकता वाली झीलों के रूप में चिन्हित किया है।
स्थापित सेंसर जल स्तर, तापमान और अन्य महत्वपूर्ण मानकों की निरंतर निगरानी करेंगे। यह प्रणाली आपातकालीन प्रारंभिक चेतावनी प्रदान करेगी और स्थानीय आबादी को संभावित बाढ़ के खतरों से बचाने में मदद करेगी।
हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन की वजह से ग्लेशियल झीलें तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये झीलें अचानक टूटने और विनाशकारी बाढ़ का कारण बन सकती हैं। सिक्किम की यह पहल पूर्वोत्तर भारत में आपदा प्रबंधन की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण स्थापित करता है।