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एसिड रिफ्लक्स को नियंत्रित करने के लिए जीवनशैली में बदलाव जरूरी
गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट का सुझाव है कि भोजन के बाद 2 से 3 घंटे तक लेटने से बचना चाहिए। इससे पेट में एसिड को नियंत्रित रखने वाली वाल्व पर दबाव कम होता है।
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एसिड रिफ्लक्स से जूझ रहे लोगों के लिए सरल जीवनशैली में परिवर्तन काफी प्रभावी साबित हो सकते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, खाने के तुरंत बाद लेटना एसिड रिफ्लक्स की समस्या को बढ़ाता है। इसके बजाय खाना खाने के 2 से 3 घंटे बाद लेटने से पेट को अपनी सामग्री को खाली करने का पर्याप्त समय मिलता है।
पेट और ग्रासनली के बीच मौजूद वाल्व को लोअर एसोफेजियल स्फिंक्टर कहा जाता है। जब पेट में भोजन भरा होता है और व्यक्ति लेट जाता है, तो इस वाल्व पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। इससे पेट का एसिड और भोजन ग्रासनली में वापस आता है, जिससे जलन और असुविधा की समस्या होती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि भोजन के बाद कुछ समय के लिए खड़े रहना या बैठे रहना बेहतर है। यह अतिरिक्त समय पाचन प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ने में मदद करता है और वाल्व पर दबाव को कम करता है। ऐसी सामान्य सावधानियां लेना एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों को महत्वपूर्ण रूप से कम कर सकता है।